॥ दिल की गिरह खोल दो ॥


॥ जब्दोजहद ॥

10 मई 2018



॥ जब्दोजहद ॥


वो छोटा था शहर

और भी छोटा था घर

छोटे लोग, छोटी सोच

छोटा बन के जाते थे मर

नाउम्मीद थी जिंदगी

मैं जाता था डर

खाली जेब, खाली पेट, खाली हाथ

पर हौसलों के थे पर

मुझे याद है वो कोठरी

वो सरकंडों की टोकरी

जिन्हे बुनते हुए जिंदगी गई बिखर

वो छः हजार कि नौकरी

वो भाव खाती छोकरी

वो gold digger जो बनती थी lover

बड़े लोगों के लिए ना

शिफारिश का पैगाम था

मैं कमजोर ना था मगर आदमी आम था

कुछ नहीं था खोने को

खून के आँसू रोने को

जो होना था वो हो चुका

बचा नहीं था कुछ होने को

राम का नाम लेके काम लेने

सरे आम निकला मैं अपना अंजाम लेने

ये शाम में गुलफाम के डेरे

हराम रस्तों पे कोहराम के फेरे

खराब रास्ते धुंधला मुकाम था

फटी जेब, ना नाम था ना काम था

ना जाम था, ना दाम था,

ना कोई दुआ सलाम था

करम पे भरोसा था बस

राम नाम हराम था


चला आया मैं शहर

सोचा बनूँगा बड़ा

महीनों से मगर में

बस auditions कि लाइन में खड़ा

रस्तों कि ठोकर

मेहनत की धूप

फिर भी ना था पैंसा

ये था दुनिया का रूप

मैं गिड़गिड़ाया बहुत

पर कौन सुनता फरियाद मेरी

हौंसले बुलंद थे पर लगता था

हो ना जाए मंजिल पे देरी

दो दो job

Auditions कि hope

लग गया था जैसे

सपनों पे fullstop

मेरा दर्द ही बस यार था

मुकाम से बस प्यार था

आँखों में नींदे नहीं

छाया एक खुमार था

मैं दौड़ता था थकता था

थकता था दौड़ता था

साँस लेना तक दुष्वार था

चौदह घण्टे दिन के काम

आँखों से लगता बिमार था

जीतोड़ मेहनत पर ना आराम

मौत तक के लिए तैयार था

जब कुछ ना बेशुमार था

गले में नामाकियों का हार था

ना उम्मीद थी, ना प्यार था

आँखों के आगे गुबार था

जलनें वाले समझते थे

मैं पागल हूँ पर मेरे

सर पे तो कोई भूत सवार था


आज मेरे पास देखो लाखों कि कमाई है

अपनी दुनिया मैनें अपने दम पे बनाई है

कल तक जो गाली देते थे

आज कहते है तू तो मेरा भाई है

मेरी जान ये सारा जहान कसाई है

कोई नहीं हैं तेरा यही बस सच्चाई है

डर मत किसी से खुल के तू जी

मान ले ये दुनिया तेरे बाप ने बनाई है

क्या तेरे सपने तुझे याद है

वो आज भी तेरे साथ हैं

जुनून कि फरियाद है

बस हौसलों कि बात है

माना शाम है गमगीन

पर हुई नहीं रात है

सबको दिखा दे तू

क्या तेरी औकात है

तुझमें है दम

नहीं तू बर्बाद है

जीतने से डरता है

पागल ये भी कोई बात है

अब उठ, सब छोड़

फिर से तू दौड़

हजारों कि नौकरी छोड़ेंगा

तो कमाएगा करोड़

Stability is bullshit

Hit the high road

नाकामी का रोना रोके

सर मत फोड़