॥ चलचित्रों की स्वरलिपि ॥


॥ श्री रामचंद्र कृपालु भजुमन ॥

श्री रामचंद्र कृपालु भजुमन, हरण भव भय दारुणम्।



॥ श्री रामचंद्र कृपालु भजुमन ॥


श्री रामचंद्र कृपालु भजुमन, हरण भव भय दारुणम्।

नव कंज लोचन, कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणम्॥



रूपक ताल

तिंतिंनाधिंनाधिंना
श्री
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राचंद्रकृ
-
पालुजु
दारुम्
-
कंलो
-
कंमु
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कंकं
जारुम्श्री
तिंतिंनाधिंनाधिंना
कं
-
र्णि
मिवि
नीनी
सुंम्
पीमाहुं
-
ड़िरुचिसुचि
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नौमिसु
ताम्श्री